मनीषा तनेजा
मनीषा तनेजा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से पी-एच.डी. करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में स्पैनिश भाषा और साहित्य पढ़ाती हैं। उन्होंने अंग्रेज़ी, हिन्दी और स्पैनिश में कई कृतियों का अनुवाद किया है जिनमें नोबेल पुरस्कार विजेता पाब्लो नेरूदा के संस्मरण ‘हाँ, मैंने ज़िन्दगी जी है’ और नादीन गॉर्डिमर का कहानी-संग्रह ‘छलांग’ शामिल हैं। उन्होंने तुर्की लेखक हकान गुंडे, स्पैनिश लेखिका मेर्से रूदोरेदा की कृतियों का अनुवाद भी किया है। हाल में अमिताभ घोष के उपन्यास ‘गन आइलैंड’ का उनका अनुवाद ‘बन्दूक द्वीप’ बहुचर्चित रहा है।

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