सत्येन्द्र
सत्येन्द्र राजस्थान विश्वविद्यालय के आचार्य एवं अध्यक्ष थे। राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी के निदेशक भी रहे। लोक साहित्य की सैद्धान्तिकी पर उनका महत्त्वपूर्ण कार्य है। उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं—‘लोक साहित्य विज्ञान’, ‘कला, कल्पना और साहित्य’, ‘आशा निराशा’, ‘प्रेमचन्द : कहानी कला’ और ‘प्रेमचन्द’।

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