डॉ. ज़ेबा इमाम
ज़ेबा इमाम का पालन-पोषण अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हुआ, जहाँ उनके अब्बू अंग्रेज़ी साहित्य के सेक्यूलर प्रोफ़ेसर थे। यहाँ सेक्यूलर शब्द पर इसलिए ज़ोर दिया जा रहा है क्योंकि ज़ेबा ने हमेशा कहा है कि वो दीवाली पर मिठाई, क्रिसमस पर केक और ईद पर सेंवइयाँ खाकर बड़ी हुई हैं। उन्होंने स्नातक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से किया और आगे का अध्ययन जामिया मिलिया इस्लामिया में और पीएच.डी. टेक्सास यूनिवर्सिटी, यू.एस.ए. से। आजकल आप कम्बोडिया और यू.एस. के सोशल सेक्टर में काम करती हैं। जेंडर और सेक्यूलरिज्म पर लेखन के अलावा आपकी पॉटरी में भी विशेष दिलचस्पी रही है।

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