'१२ बंगला श्रेष्ठ कहानियाँ' संग्रह में बंगला साहित्य के सिद्धहस्त, ख्यात, पुराने कथाकारों के साथ-साथ नए किन्तु सशक्त कहानी-लेखकों का भी प्रतिनिधित्व है। धाराओं की बात कहूँ तो आदर्शवादी, प्रगतिशील यथार्थवादी, यहाँ तक की अस्तित्ववादी धारा का भी समावेश है। संकलन चूँकि एक महिला ने किया है, इसलिए संग्रह की कहानियों में से अधिकांश नारी-जीवन के विभिन्न पहलुओं का यथार्थ मनोवैज्ञानिक तथा मार्मिक चित्र प्रस्तुत करती हैं। बंगला शब्दों को उसी रूप में रहने दिया गया है, जो निश्चय ही अभिव्यक्ति को सीधी, सरल और सुगम बनाते हैं।
आशा है पाठकों को बंगला की उत्तमोत्तम कृतियों से परिचित कराने के साथ-साथ हिन्दी के शब्द-भंडार को बढ़ाने में भी यह पुस्तक योगदान देती रहेगी।

