अभिव्यक्ति के प्रत्यक्ष और सबसे सशक्त माध्यम 'भाषण' के मनोविज्ञान पर यह उपयोगी व महत्त्वपूर्ण पुस्तक न केवल विद्यार्थियों के लिए ज़रूरी है, बल्कि उन उच्च पदासीन लोगों के लिए भी अनिवार्य है जो भाषण देने से परहेज़ करते हैं। वस्तुतः भाषण एक सकारात्मक मनःस्थिति से पैदा होता है जिसके संगठन में दृढ़ इच्छा-शक्ति और आत्मविश्वास के अलावा विचारों की चयनात्मकता, आकार व प्रस्तुति आदि आवश्यक हैं। और यह तय है कि अपने आप को अभिव्यक्त कर सकने का सुख जीवन में आशा, उत्साह और प्रसन्नता भरता है जो सफलता के लिए बहुत ज़रूरी है।

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