‘बोसकी का कौआनामा’ गुलज़ार द्वारा बोसकी के लिए लिखी गई पुस्तक-शृंखला की एक कड़ी है। यह बच्चों की जिज्ञासा को ध्यान में रखकर पंचतंत्र की शैली में रची गई है। इस किताब में बोसकी और कौए की जुगलबंदी है जो यह दर्शाती है कि बच्चों की कल्पना-शक्ति कितनी तीव्र होती है। दरअसल बोसकी ने कौआ पाला है जिसके प्रति उसकी बड़ी आत्मीयता है। यह बोसकी के अनूठे अनुभवों की कहानी है।

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