‘ब्रह्मराक्षस का नाई’ पाँच दृश्यों वाला राजेश जोशी का एक बाल नाटक है। यह नाटक कुछ रोचक बाल अनुभवों को पठनीय और दृश्य-श्रव्य माध्यम के अनुकूल बनाता है। इस नाटक के संवाद कौतूहल जगाने वाले हैं। कह सकते हैं कि ‘ब्रह्मराक्षस का नाई’ बाल नाटक में एक आधुनिक विषयवस्तु को दिखाते हुए कल्पनाओं की उड़ान भरी गई है। इसमें एक गायक दल भी है जो पात्रों के संवादों को अपनी विलक्षणता के साथ यादगार बनाता है।

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