नासिरा शर्मा की कहानियों का यह संग्रह सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदना और इंसानी जटिल प्रवृत्तियों की अभिव्यक्ति का दस्तावेज़ है। यह वर्तमान समय की विषमताओं को कहानियों में इस सहजता से पिरोता है कि इंसानी रिश्तों की ललक पात्रों में बाक़ी ही नहीं रहती, बल्कि टूटते रिश्तों और बदलते मानवीय सरोकारों की कचोट पाठकों को गहरी तपकन का एहसास देती है।

Loading, please wait...

