प्राचीन काल में दक्षिण यूनान में ट्रोयज़ीन नाम की एक नगरी थी। इस नगरी में थीसियस नाम का वीर बालक रहता था। ‘हार न माने वीर’ उसी बालक की कहानी है। इस कहानी के चित्रों को चंचल ने रेखांकित किया है। वीर बालक की यह कहानी जिजीविषा की महत्ता को बच्चों के सामने प्रस्तुत करती है। अनूठा कथानक और सरल संवाद शैली इस पुस्तक को पठनीय बनाते हैं।

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