‘लिली’ निराला जी की कहानियों का प्रथम संग्रह है। आज से पाँच दशक पूर्व लिखी गई कहानियाँ, जिनमें तत्कालीन सामाजिक परिवेश है, नारी है, और नारी-जीवन की समस्याएँ हैं। निराला जी की दूरगामी दृष्टि अपने समय से काफ़ी आगे देखती है और इसीलिए उनकी लेखनी तमाम सामाजिक बुराइयों, कुसंस्कारों और अन्ध रूढ़ियों पर प्रहार करती चलती है। विद्रोही कवि निराला अपनी कहानियों में भी विद्रोही नज़र आते हैं।

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