‘नन्हा ध्रुवतारा’ सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की बाल-कविताओं का संकलन है। संकलन की कविताओं में रचनात्मक लयात्मकता के साथ बच्चों की कल्पना शक्ति का भी बोध होता है। यह कहना उचित होगा कि इस संग्रह की कविताओं में बाल-अनुभूतिजनक रचनात्मक शब्दकारी की गई है। कविता की शब्दकारी कवि की कुशल कारीगरी का अनूठापन लिए हुए है जो बाल पाठकों को चकित करती है।

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