सन् 1947 में भारत की आज़ादी के बाद से ही आतंकवाद, अलगाववाद, कश्मीर समस्या, सीमा-तनाव, शरणार्थी समस्या आदि से जूझता हुआ भारत देश कैसे हमारे वीर सैनिकों के कारण सुरक्षित बना हुआ है, यह भारतीय जनता के लिए गौरव और आश्वस्ति का कारण है तो पूरे विश्व के लिये स्पृहा का। शायद ही विश्व के किसी देश के सैनिकों में यह अदम्य साहस और शौर्य हो, जो माइनस टेम्परेचर और कठिन जीवनचर्या के बीच अपने राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का ऊर्जस्वी भाव रखते हों।
इस संग्रह की कुछ कहानियाँ सीधे-सीधे भारतीय सैनिकों के शौर्य और सहनशीलता दोनों से संवाद करती हैं तो कुछ कहानियाँ सामाजिक ताने-बाने को रूपायित करती हैं।

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