"..... भारत में रेडियो प्रसारण पर इधर काफी कुछ लिखा गया है-अधिकतर अंग्रेजी में। हिन्दी में भी कुछ पुस्तकें आयी हैं-किन्तु श्री केशवचन्द्र वर्मा की पुस्तक उन सबसे अलग है।
'शब्द की साख' में उन्होंने अनेक प्रश्न उठाये हैं जो सचमुच चिन्तनीय हैं। यह पुस्तक रेडियो विधा का शास्त्रीय पक्ष तो प्रस्तुत करती ही है, शिल्प विधान के रूप में 'करणीय' पक्ष को भी उजागर करती है। श्री वर्मा एक लम्बे समय तक आकाशवाणी के साथ रहे हैं। वे स्वयं कवि, लेखक, नाटककार, आलोचक तथा संगीत रसिक हैं। ऐसा मणिकांचन संयोग कदाचित ही संभव होता है।... इसमें बहुत कुछ ऐसा है जो नया है-सुचिंतित है।"
अमृतराय शिन्दे
डायरेक्टर जनरल
आकाशवाणी


