अरुन्धति रॉय
अरुंधति रॉय ने वास्तुकला का अध्ययन किया है। वे 'द गॉड ऑफ़ स्माल थिंग्स'—जिसके लिए उन्हें 1997 का बुकर पुरस्कार प्राप्त हुआ—और ‘द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैप्पीनेस' की लेखक हैं। दुनियाभर में इन दोनों उपन्यासों का अनेक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। उनकी पुस्तकें ‘मामूली चीज़ों का देवता’, ‘अपार खुशी का घराना’, ‘बेपनाह शादमानी की ममलिकत’ (उर्दू में), ‘न्याय का गणित’, ‘आहत देश’, ‘भूमकाल : कॉमरेडों के साथ’, ‘कठघरे में लोकतंत्र’, ‘एक था डॉक्टर एक था संत’, ‘आज़ादी’ राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुई हैं। ‘माय सीडिशियस हार्ट’ समग्र कथेतर रचनाओं का संकलन है। ‘मदर मेरी कम्स टु मी’ नाम से उनकी स्मृति-कथा प्रकाशित हुई है। वे 2002 के ‘लनन कल्चरल फ़्रीडम पुरस्कार’, 2015 के ‘आंबेडकर सुदार पुरस्कार’, ‘महात्मा जोतिबा फुले पुरस्कार’, ‘पेन पिंटर प्राइज़-2024’, ‘नेशनल बुक क्रिटिक्स सर्कल अवार्ड-2026’ से सम्मानित हैं।

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