दीनो बुत्साती
दीनो बुत्साती जन्म : 16 अक्टूबर, 1906 बीसवीं शताब्दी के इतालवी कथा-साहित्य में बुत्साती का स्थान अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। मूलत: एक सजग पत्रकार के साथ-साथ वह एक अद्वितीय लेखक थे। उन्होंने उपन्यास , कहानी और कविता लिखने के अतिरिक्त चित्रकारी भी की। वे जीवन-भर इटली के प्रमुख समाचार-पत्र ‘सान्ध्य समाचार’ ( Corriere della Sera) से जुड़े रहे। उनके कृतित्व में एक ओर अस्तित्ववादी चिन्तन के दर्शन होते हैं तो दूसरी ओर शिल्प के स्तर पर अतियथार्थवादी साहित्य जैसी अतिरंजित संरचनाएँ भी मिलती हैं। वह फ़ैंटेसी के माध्यम से कथा बुनने में सिद्धहस्त हैं। उनकी रचनाओं का यह काल्पनिक रवैया मानव-जीवन के बेतुकेपन को सजीव कर सर्वग्राह्य और सार्वजनीन बना देता है। साहित्य-लेखन , चित्रकारी , पत्रकारिता और पर्वतारोहण के अलावा बुत्साती को पर्यटन का बड़ा शौक़ था। वह सन् 1964 में भारत पधारे और भारतीय संस्कृति से प्रभावित हुए बिना न रहे। कल्पनात्मक साहित्य-धारा में बुत्साती अप्रतिम हैं और शिल्प की दृष्टि से उनकी रचनाएँ बेजोड़। निधन : 28 जनवरी, 1972

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