जयवन्त दलवी
जन्म : 14 अगस्त, 1925
प्रसिद्ध मराठी लेखक और नाटककार।
मराठी अख़बारों‘प्रभात’और‘लोकमान्य’ में सहायक सम्पादक के रूप में काम किया और बाद में यूएसआईएस के साथ जुड़े। उन्हें नाटकों और मराठी साहित्यिक व्यक्तित्वों पर एक
हास्य-स्तम्भ के लिए सबसे ज़्यादा याद किया जाता है, जिसे उन्होंने ठनठनपाल के छद्म
नाम से लिखा था। उन्होंने मराठी औरहिन्दी फ़िल्मों के लिए कथा और पटकथा लिखी।
प्रमुख कृतियाँ : ‘स्पर्श’, ‘कवादसे’, ‘प्रदक्षिणा’, ‘महानन्दा’, ‘अभिनेता’, ‘अलां फलाणे’, ‘अधान्तरि’,‘अन्धराचाय चरणामि’, ‘चक्र’, ‘घर कौलारू’, ‘सोहाला’, ‘विरंगुला’, ‘निवाडक थन्थनपाल’, ‘सायंकलाची सावल्या’, ‘उतारवत’, ‘लोक अणि लौकिक’, ‘बाज़ार’, ‘सब गृहास्त्रो’, ‘महासागर’, ‘पर्याय’, ‘पुरुष’, ‘अरे शरीफ़ लोग’ आदि।
मराठी में लिखी जयवन्त दलवी की आत्मकथा का अनुवाद अंग्रेज़ी में‘लीव्स ऑफ़ लाइफ़’
शीर्षक से प्रकाशित है।
निधन : 16 सितम्बर, 1994

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