मधु भादुड़ी
दिल्ली में स्कूली पढ़ाई के बाद इन्द्रप्रस्थ कॉलेज से दर्शनशास्त्र में एम.ए. किया। 1965 से 1968 तक वहीं प्राध्यापिका रहीं।
1968 में भारतीय विदेश सेवा में प्रवेश किया। तब से ऑस्ट्रिया, वियतनाम, मेक्सिको और जर्मनी में भारतीय विदेश सेवा में कार्यरत रहीं। फिर बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में भारत की राजदूत।
मधुजी शास्त्रीय संगीत में विशेष रुचि रखती हैं। हिन्दी, बांग्ला और अंग्रेज़ी के अतिरिक्त जर्मन और स्पेनिश की भी ज्ञाता।
प्रमुख कृतियाँ : ‘कालचक्र’, ‘ज्वार’, ‘अनादि अनन्त’ (उपन्यास); उपन्यास और कहानियों के साथ-साथ इन्होंने नाटक भी लिखे हैं।
आप ‘आम आदमी पार्टी’ के संस्थापकों में से एक रही हैं।

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