नारायण कुलकर्णी कवठेकर
नारायण कुलकर्णी कवठेकर मराठी के चर्चित कवि हैं। साथ ही सम्पादन, समीक्षा, ललित लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। उनका दूसरा चर्चित कविता-संग्रह है—‘हे मेरी घास की पत्तियाँ’।उनकी कहानियाँ नए सन्दर्भों और शिल्प के लिए जानी जाती हैं।‘ह्रस्व व दीर्घ’ललित लेखों का संग्रह है। उनकी कविताओं के हिन्दी, अंग्रेज़ी, गुजराती, राजस्थानी, उर्दू, तमिल आदि भाषाओं में अनुवाद हो चुके हैं। श्री कुलकर्णी को महाराष्ट्र साहित्य परिषद् के पुरस्कार के साथ बहिणाई प्रतिष्ठान का तथा ‘परिवर्तन पुरस्कार’ सहित कई सम्मान प्राप्त हैं।

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