नेहा जैन का जन्म काशी में हुआ। बचपन से ही परिवार से भाषा, साहित्य एवं कला के प्रति रुझान को प्रोत्साहन मिला। चेन्नई के लॉथोला कॉलेज से फ़्रेंच भाषा, तमिल व जर्मन में उच्च शिक्षा प्राप्त की। फ़्रेंच भाषा से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त किया व अंग्रेजी में गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। इण्डियन काउन्सिल फॉर सोशल साइन्स एण्ड रिसर्च (घ्ण्एएR) द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति प्रदान हुई, उसी वर्ष अन्तरराष्ट्रीय क्यूबेक स्टडीज़ एसोसिएशन द्वारा मॉण्ट्रीयल में अनुसंधान एवं अध्ययन के लिए (२०१९) में आमन्त्रित किया गया। रेडियो कैनेडा नामक राष्ट्रीय मीडिया आउटलेट ने विभिन्न लेखकों पर नेहा के काम को प्रस्तुत किया और इसे व्यापक रूप से सराहा गया। विश्वभर से पाँच सर्वश्रेष्ठ डॉक्टोरल थीसिस में से एक नेहा द्वारा लिखित रही जिसे एसोसिएशन ने २०२३ में ‘प्री द लेक्सेलॉन्स’ से अलंकृत किया। कविता संग्रह ‘मार्बल डिवोशन्स’ अंग्रेजी में प्रकाशित हुआ है।
शेक्सपियर की कृतियाँ संसार की विविध भाषाओं में अनूदित हैं और इस अनुवाद का मंचन २०१८ में नई दिल्ली के श्री राम सेण्टर ऑफ आर्टस, मण्डी हाउस में भारी सफलता के साथ हुआ।
भाषाओं के बीच सेतु बनाती नेहा वर्तमान में गाँथनबर्ग, स्वीडन में फ़्रेंच पढ़ाती हैं।

