सदन झा
सदन झा ने इतिहास की पढ़ाई की है। उनकी दिलचस्पी दृश्य जगत के इतिहास में रही है, जिसमें प्रतीकों तथा राष्ट्रीय झंडा, चरखा और भारत माता के इतिहास एवं रंगों के बनते-बदलते सामाजिक सरोकार दिल के क़रीबी विषय रहे हैं। इसके अतिरिक्त पिछले कुछ वर्षों से सूरत शहर के नगरीय अनुभवों पर केन्द्रित शोध कर रहे हैं। इनके प्रकाशन हिन्दी तथा अंग्रेज़ी में अकादमिक और ग़ैर-अकादमिक दोनों ही क़िस्मके रहे हैं जिनमें इनकी किताब ‘रेवरेंस, रेसिस्टेंस एंड पॉलिटिक्स ऑफ़सीइंग इंडियन नेशनल फ़्लैग(कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, 2016) शामिल है। हाल ही में छोटी कहानियों की एक किताब ‘प्रकाश-वृत्ति’ के अन्तर्गत ‘हॉफ़सेट चाय’ शीर्षक से प्रकाशित हुई है।
सम्प्रति : सूरत स्थित सेंटर फ़ॉर सोशल स्टडीज़ में एसोशिएट प्रोफ़ेसर के पद पर कार्यरत हैं।

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