शिव कुमार ‘शिव’ का जन्म 30 जुलाई, 1951 को हाथीछापा, पश्चिम बंगाल में हुआ। उनकी औपचारिक शिक्षा दसवीं कक्षा तक हुई। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘देहदाह’, ‘जूते’, ‘दहलीज’, ‘मुक्ति’, ‘शताब्दी का सच’ (कहानी-संग्रह); ‘आँचल की छाँव में’, ‘तुम्हारे हिस्से का चाँद’, ‘महुआ घटवारिन’, ‘आगे सड़क बन्द है’ (उपन्यास); ‘राग-विराग’, ‘वनतुलसी की गन्ध’ (लघु उपन्यास); ‘मंजुला’ (गीत-संग्रह); ‘इसी शहर में’, ‘बचे रहने की गुंजाइश’, ‘आदमी भीतर आदमी’ (कविता-संग्रह); ‘गली का मोड़’ (नाटक); ‘नेपथ्य के नायक’ (आत्मकथा); ‘शिव कुमार 'शिव' रचनावली’ (सम्पूर्ण साहित्य); ‘कथायात्रा : भागलपुर के लेखकों की कहानियाँ’, ‘आईने बोलते हैं : कथाकार रंजन पर केन्द्रित’, ‘शंकरलाल बाजोरिया स्मृति ग्रन्थ’ (सम्पादित) ।
वे डिफेक्टिव, बनफूल एवं किस्सा पत्र-पत्रिकाओं के संस्थापक-सम्पादक रहे। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित हुईं। आकाशवाणी, भागलपुर के लिए ‘प्रतिशोध’, ‘अपने-अपने युद्ध’, ‘किस्सागोई का आकाश’, ‘नेपथ्य से रंगमंच तक-1 एवं 2’, ‘निकलते कोंपल’, ‘उठते सवाल’, ‘एक और शिखंडी’, ‘बिना खम्भों का पुल’, ‘किच-किच’, और ‘दुनिया टिकी रहेगी’ तथा ‘गीतों की गणगौर’ का लेखन किया।
उन्हें ‘मोतीलाल मातृसेवा सदन सम्मान’, ‘शंकरलाल बाजोरिया सरस्वती सम्मान’, ‘बंशीधर ढांढणियाँ स्मृति सम्मान’, ‘बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन सम्मान’, ‘चन्दबरदाई सम्मान’, ‘श्री रामगोपाल अवस्थी स्मृति राष्ट्रीय सम्मान’, ‘श्री राजेन्द्र यादव राष्ट्रीय कथा सम्मान’ और ‘भारतीय युग परिषद् साहित्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
28 अप्रैल, 2021 को कोलकाता में उनका निधन हुआ।


