योगेन्द्र सिंह
जन्म : इटावा (उ.प्र.)
शिक्षा : उच्च शिक्षा लखनऊ तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
1949-1977 तक हिन्दी विभागाध्यक्ष, कर्मक्षेत्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय, इटावा। 1977 से 1994 तक प्राचार्य श्री चित्रगुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मैनपुरी। 1994 में सेवानिवृत्त।
प्राचार्य रूप में दोनों जनपदों (इटावा व मैनपुरी) में अच्छे प्रशासक की ख्याति, फलतः सेवानिवृत्ति के उपरान्त डॉ. भीमराव अम्बेडकर शिक्षा समिति, इटावा के द्वारा डॉ. भीमराव बौद्ध महाविद्यालय में संगठित करने के लिए समिति द्वारा सर्वसम्मति से प्राचार्यत्व हेतु आमंत्रित।
कविता मूल प्रवृत्ति रही। लगभग ढाई हज़ार पृष्ठ लिख डाले पर अव्यवस्थित, केवल एक संग्रह ‘निर्यालय’ प्रकाशित। अध्यापक के रूप में छात्रों की कठिनाई को ध्यान में रखते हुए हिन्दी के बदलते स्वरूप के सम्बन्ध में पुस्तक ‘प्रयोजनमूलक हिन्दी’ आगरा विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित। बी.ए. के पाठ्यक्रम में सम्मिलित।
बाल्यकाल से ही समाज-सेवा व सामाजिक न्याय-सम्बन्धी चिन्तन। फलतः ‘सन्त रैदास’ की सम्पूर्ण रचनाओं का देशभर में घूमकर संकलन। विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा पाठ्यक्रम में सम्मिलित। वोल्वर हैम्पटन (यू.के.) में अंग्रेज़ी में अनूदित।

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