अनुवाद मनोरंजन का नहीं, मनोविकास का साधन है। वह हमारे विचारों को विशाल-विराट बना देता है। कई प्रतिष्ठित लेखकों ने अनुवाद को भी अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम चुना है। यह संकलन अनुवाद नमूनों का एक अपूर्व भंडार है। साहित्यिक तथा गैर साहित्यिक सामग्रियों की मिसालें यहाँ मिलेंगी। कालजयी कृतियों के अनुवाद नमूने पहली बार इस पुस्तक में हिन्दी के उत्सुक पाठकों को उपलब्ध हो रहे हैं।
मलयालम भाषी हिन्दी लेखक तथा अनुवादविद् डॉ. आरसु की नवीन कृति नि:संदेह पठनीय एवं संग्रहणीय है।


