इस पुस्तक में कबीर के जीवन-वृत्त को समस्त विचारणीय साक्ष्यों के आधार पर प्रामाणिक रूप में प्रस्तुत करने और उनके नाम का इतिहास खोजने का प्रयास किया गया है। ग्रन्थावली की भाषा का भाषातात्त्विक विश्लेषण और पाठ-विवेचन इस प्रयास की अन्य महत्त्वपूर्ण कडियाँ हैं जो पुस्तक में प्रस्तुत की गई हैं। ऊपर उल्लिखित दोनों पाठ-परम्पराओं के समान अंशों की एक पूर्ण तालिका भी दी गई है, जिसकी सहायता से आगे ग्रंथ में दोनों के पाठान्तरों का तुलनात्मक विवेचन किया गया है। सम्पूर्ण ग्रन्थावली के आधार पर कबीर-दर्शन का विवेचन तथा गोरखनाथ, नामदेव तथा जयदेव से उनकी मान्यताओं का तुलनात्मक विवेचन इस संस्करण की एक अन्य प्रमुख विशेषता है। अन्त में कबीर के कवित्त्व पर भी मौलिक ढंग से विचार करने का प्रयास किया गया है।

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