तीन साल चेखव का एक महत्त्वपूर्ण उपन्यास है। उन्होंने ज़्यादातर कहानियाँ ही लिखी हैं और यह भी पहले-पहल कहानी के रूप में ही छपा था। लेकिन कहानियों के मुकाबले अधिक लम्बाई और विषयवस्तु के औपन्यासिक वितान के कारण यह उपन्यास के रूप में लोकप्रिय हुआ। इसके केन्द्र में अलेक्सी फ़्योदोरोविच लाप्तेव और यूलिया सरजीविना का विवाह है। वे जिस समय में साँस ले रहे हैं उसमें आदर्श और यथार्थ के बीच कोई मेल नहीं है। परिणाम एक ऐसी निराशा में सामने आता है जहाँ वर्तमान अनपेक्षित है और भविष्य अज्ञात, ऐसे में आने वाले समय का इन्तज़ार करने की खोखली आश्वस्ति ही बचती है।

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