वयला वासुदेवन पिल्लै
जन्म : २२ अप्रैल, १९४५ ई.
शिक्षा : अंग्रेजी साहित्य में स्नातक तथा स्नातकोत्तर परीक्षा मार इवानियोस कॉलेज से उत्तीर्ण करने के पश्चात् वहीं अध्यापन के साथ विभिन्न देशों के नाटकों पर शोधपरक अध्ययन हेतु शिक्षावृत्ति प्राप्त। जैसे यूनिवर्सिटी ऑफ रोम, न्यूयार्क यूनिवर्सिटी मे़जी यूनिवर्सिटी, टोक्यो (जापान) में विजििंटग प्रो़फेसर। पेरिस यूनिवर्सिटी से बेकेट के नाटकों और यूनिवर्सिटी ऑफ एथेन्स से ग्रीक क्लासिकल थियेटर पर अन्वेषण।
गतिविधियाँ : वयला स्कूल ऑफ ड्रामा, त्रिचूर में सहायक निदेशक के रूप में अपने गुरु तुल्य सुप्रसिद्ध नाटककार श्री जी. शंकर पिल्लै के अधीन उनके अवकाश प्राप्ति के बाद दो दशक से अधिक समय तक निदेशक रहे। मलयालम के रंगमंच और नाटक में योगदान हेतु उन्हें केन्द्र संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आपने स्वर्णरेखा नाम से एक नाटक मण्डली का संगठन/संचालन किया।
मृत्यु : २९ अगस्त, २०११ ईं.

