मलखान सिंह
मलखान सिंह का जन्म 30 सितम्बर, 1948 को गाँव वसई काजी, जिला हाथरस, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने अलीगढ़ और आगरा में उच्च शिक्षा प्राप्त की। विद्यार्थी जीवन में 'समाजवादी युवक सभा' से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में दो बार तिहाड़ जेल की यात्रा की। 1979 से 2008 तक बेसिक माध्यमिक शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों पर कार्य किया। 1996 में उनका पहला कविता-संग्रह 'सुनो ब्राह्मण' और वर्षों बाद 2016 में दूसरा कविता-संग्रह 'ज्वालामुखी के मुहाने' प्रकाशित हुआ।
उन्होंने अपने जीवन की यातना, संघर्ष और स्वप्न को कविता में ही व्यक्त किया। उन्होंने दलित कविता का सौन्दर्यशास्त्र निर्मित किया और हिन्दी कविता के प्रतिमान को भी प्रभावित किया। उनके क्रान्तिकारी और विद्रोही तेवर ने दलित साहित्य में अपनी विशेष पहचान बनाई। 'आउटलुक' पत्रिका (हिन्दी) के 2012 के साहित्य-सर्वेक्षण में उन्हें दलित साहित्य का सबसे लोकप्रिय कवि माना गया।
9 अगस्त, 2019 को उनका निधन हुआ।


