रेणु व्यास ने बी. एस-सी. (विज्ञान-गणित) और एम.ए. (इतिहास और हिन्दी) किया। पी-एच.डी. (हिन्दी) की उपाधि प्राप्त की। उर्दू में डिप्लोमा किया है। गांधी-विचारों में उनकी विशेष रुचि है। ‘दिनकर : सृजन और चिन्तन’, ‘जो कही गई न मुझसे’, ‘प्रारम्भिकी : स्वयं प्रकाश’ उनकी मौलिक पुस्तकें हैं। ‘मेरे साक्षात्कार : स्वयं प्रकाश’, ‘कृति-मूल्यांकन : कुरुक्षेत्र’ का उन्होंने सम्पादन किया है।
सम्प्रति राजस्थान विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में सहायक आचार्य हैं।

